The next one...for welcome of the lovely month "FEBRUARY"...
आ गया है वो महीना.... जिसमें,
थोड़ी नई मिठास है,
थोड़ी बीती हुई बात है,
एक हल्की सी मुस्कान है,
एक अलहदी सी शाम है।
थोड़ा दर्द भरा एहसास है,
थोड़ी उनसे मिलने की आस है,
थोड़े आंसू भरी सी आँखें हैं,
थोड़ी दूर तलक वो झांके हैं।
अपने मन का विश्वास है,
कुछ लबों पे हल्की प्यास है,
कुछ दर्द पुराने उलझे हैं,
कुछ नए तराने सुलझे हैं।
कुछ फूल नए से खिले हुए हैं,
कुछ फूल दिलों से मिले हुए हैं,
कुछ बात पुरानी याद आई है,
कुछ ख़्वाब नए फ़िर बुने हुए हैं।
ये फरवरी का महीना है जनाब,
ना पन्ना मेरा ख़तम हुआ है,
ना कलम हमारी रुकी हुई है...
बस प्यार आपका बना रहे,
ये बात यहीं से शुरू हुई है...
आ गया है वो महीना.... जिसमें,
थोड़ी नई मिठास है,
थोड़ी बीती हुई बात है,
एक हल्की सी मुस्कान है,
एक अलहदी सी शाम है।
थोड़ा दर्द भरा एहसास है,
थोड़ी उनसे मिलने की आस है,
थोड़े आंसू भरी सी आँखें हैं,
थोड़ी दूर तलक वो झांके हैं।
अपने मन का विश्वास है,
कुछ लबों पे हल्की प्यास है,
कुछ दर्द पुराने उलझे हैं,
कुछ नए तराने सुलझे हैं।
कुछ फूल नए से खिले हुए हैं,
कुछ फूल दिलों से मिले हुए हैं,
कुछ बात पुरानी याद आई है,
कुछ ख़्वाब नए फ़िर बुने हुए हैं।
ये फरवरी का महीना है जनाब,
ना पन्ना मेरा ख़तम हुआ है,
ना कलम हमारी रुकी हुई है...
बस प्यार आपका बना रहे,
ये बात यहीं से शुरू हुई है...

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